बात पते की....

भारत के संविधान भाग-3 की धारा 25 से 30 यदि भारत की असुरक्षा का कारण बन जाए तो हमें इसे पुनः परिभाषित करने की जरूरत है।- शम्भु चौधरी

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बिजली कंपनियों की धांधली

Posted On: 31 Jan, 2014 Junction Forum,Hindi News,Business में

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बात पते की -देश लूटने का व्यवसाय
दिल्ली में जैसे ही आम आदमी की सरकार ने बिजली कंपनियों की धांधली रोकने के लिए कैग से ऑडिट की जाँच शुरू करवा दी, जिससे वे अब तक बचते रहे थे मानो उनके उंदर का जिन्न ही बहार आ गया। मजे से लूट रहे थे दिल्ली की जनता को और घाटे पे घाटा  भी दिखा रहे थे। पूरी की पूरी कमाई का भीतर ही भीतर बंदरबांट चल रहा था। देश का पूरा इफ्रास्टैक्चर मुफ्त में मिला हुआ था इनको। इन बिजली कंपनियों को इस पे भी तैश इतना कि वे जैसे बिजली देकर जनता पर एहसान लाद रहे हों।
इनको इतनी पूंजी जमा करने का अधिकार ही किसने दिया? कि वे देश के नागरिकों ही आंख दिखाने लगे? एक-एक कंपनी कई हजार करोड़ की मालिक बन गई। रातों-रात इतनी दौलत का मालिक वह भी बिना किसी रोक-टोक के। इनकी पूरी दौलत पर ताला लगा देना चाहिये। कंपनियां बना-बना कर देश लूटने का व्यवसाय हो गया है इन लोगों का।
यदि दिल्ली की बिजली कम्पनियों का ब्लैकमेल करने जैसा यही व्यवहार रहा तो इन कंपनियों को पूर्णतय सरकार नियंत्रण में ले लिया जाना चाहिये। इनको देश लूटने का लाईसेंस कदापि नहीं दिया जा सकता। भले ही दिल्ली की जनता को 10  घंटा क्या 24 घंटा भी फिलहाल बिजली ना मिले पर इन बिजली कंपनियों की मनमानी हर हाल में रोकी जानी चाहिये। – शम्भु चौधरी 31.01.2014
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दिल्ली में जैसे ही आम आदमी की सरकार ने बिजली कंपनियों की धांधली रोकने के लिए कैग से ऑडिट की जाँच शुरू करवा दी, जिससे वे अब तक बचते रहे थे मानो उनके उंदर का जिन्न ही बहार आ गया। मजे से लूट रहे थे दिल्ली की जनता को और घाटे पे घाटा  भी दिखा रहे थे। पूरी की पूरी कमाई का भीतर ही भीतर बंदरबांट चल रहा था। देश का पूरा इफ्रास्टैक्चर मुफ्त में मिला हुआ था इनको। इन बिजली कंपनियों को इस पे भी तैश इतना कि वे जैसे बिजली देकर जनता पर एहसान लाद रहे हों।

इनको इतनी पूंजी जमा करने का अधिकार ही किसने दिया? कि वे देश के नागरिकों ही आंख दिखाने लगे? एक-एक कंपनी कई हजार करोड़ की मालिक बन गई। रातों-रात इतनी दौलत का मालिक वह भी बिना किसी रोक-टोक के। इनकी पूरी दौलत पर ताला लगा देना चाहिये। कंपनियां बना-बना कर देश लूटने का व्यवसाय हो गया है इन लोगों का।

यदि दिल्ली की बिजली कम्पनियों का ब्लैकमेल करने जैसा यही व्यवहार रहा तो इन कंपनियों को पूर्णतय सरकार नियंत्रण में ले लिया जाना चाहिये। इनको देश लूटने का लाईसेंस कदापि नहीं दिया जा सकता। भले ही दिल्ली की जनता को 10  घंटा क्या 24 घंटा भी फिलहाल बिजली ना मिले पर इन बिजली कंपनियों की मनमानी हर हाल में रोकी जानी चाहिये। – शम्भु चौधरी 31.01.2014

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jlsingh के द्वारा
February 2, 2014

समर्थन करते रहिये, केजरीवाल जिंदाबाद!


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